Your Blog

Included page "clone:shayari" does not exist (create it now)

मन तुम्हारा हो गया तो हो गया - 21 Feb 2012 18:31

Tags:

मन तुम्हारा !
हो गया
तो हो गया …..
एक तुम थे
जो सदा से अर्चना के गीत थे,
एक हम थे
जो सदा से धार के विपरीत थे.
ग्राम्य-स्वर
कैसे कठिन आलाप नियमित साध पाता,
द्वार पर संकल्प के
लखकर पराजय कंपकंपाता.
क्षीण सा स्वर
खो गया तो,खो गया
मन तुम्हारा!
हो गया
तो हो गया……….
लाख नाचे
मोर सा मन लाख तन का सीप तरसे,
कौन जाने
किस घड़ी तपती धरा पर मेघ बरसे,
अनसुने चाहे रहे
तन के सजग शहरी बुलावे,
प्राण में उतरे मगर
जब सृष्टि के आदिम छलावे.
बीज बादल
बो गया तो,बो गया,
मन तुम्हारा!
हो गया
तो हो गया………. - Comments: 1

REH-REH KAR YE EHSAAS - 21 Feb 2012 18:29

Tags:

Kisiko Yun Rulaya Nahi Karte,
Jhoote Khwab Kisiko Dikhaya Nahi Karte,
Agar Koi Aapki Zindagi Main Khaas Nahi Hai,
To Usse Reh-Reh Kar Ye Ehsaas Dilaya Nahi Karte…

  • Kisiko Yun Rulaya Nahi Karte,

Jhoote Khwab Kisiko Dikhaya Nahi Karte,
Agar Koi Aapki Zindagi Main Khaas Nahi Hai,
To Usse Reh-Reh Kar Ye Ehsaas Dilaya Nahi Karte… - Comments: 0


Unless otherwise stated, the content of this page is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 3.0 License